Hindustanmailnews

देश

मस्जिदें खाली करो, नहीं तो कितने मारे जाओगे… नहीं पता: भाजपा नेता ईश्वरप्पा

बैंगलुरु, एजेंसी। कर्नाटक के पूर्व मंत्री और भाजपा के सीनियर नेता केएस ईश्वरप्पा ने मुसलमानों से ध्वस्त किए गए मंदिरों की जमीन पर बनी मस्जिदों को खाली करने के लिए कहा है। उन्होंने ऐसा न करने पर गंभीर नतीजे भुगतने की चेतावनी भी दी। रविवार को बेलगावी में ईश्वरप्पा हिंदू कार्यकर्ताओं के सम्मेलन को संबोधित कर रहे थे। इस दौरान उन्होंने कहा- मथुरा समेत 2 और जगहों को लेकर विचार चल रहा है। एक बार अदालत का फैसला आ जाने दीजिए। चाहे आज हो या फिर कल, हम मंदिरों के निर्माण के लिए आगे बढ़ेंगे। इसे लेकर किसी तरह का संदेह नहीं होना चाहिए। ऐसी जगहों पर जहां मस्जिदों का निर्माण किया गया है, यह आपके लिए फायदेमंद होगा कि आप (मुसलमान) उन्हें स्वेच्छा से खाली कर दें।

मस्जिदें खाली करो, नहीं तो कितने मारे जाओगे… नहीं पता: भाजपा नेता ईश्वरप्पा Read More »

शराब घोटाले में केजरीवाल के बाद अअढ को भी आरोपी बनाने की तैयारी

नई दिल्ली। कथित शराब घोटाले में दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल की मुश्किलें लगातार बढ़ती जा रही हैं। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के तीन समन को नजरअंदाज कर चुके अरविंद केजरीवाल की आम आदमी पार्टी को अब आरोपी बनाने की तैयारी चल रही है। इस मामले की जानकारी रखने वाले लोगों ने बताया है कि ईडी प्रिवेंशन आॅफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट (पीएमएलए) की धारा 70 का प्रयोग करते हुए आम आदमी पार्टी को आरोपी बना सकती है। हालांकि, इस सेक्शन का इस्तेमाल ‘कंपनियों के अपराध’ से निबटने के लिए होता है। सूत्रों के मुताबिक… केंद्रीय एजेंसी का मानना है कि इस धारा का इस्तेमाल करते हुए किसी राजनीतिक दल के खिलाफ भी केस दर्ज किया जा सकता है। इस सेक्शन के मुताबिक… ‘कंपनी’ से अर्थ किसी कॉर्पोरेट, फर्म या अन्य व्यक्तियों के संगठन से है।

शराब घोटाले में केजरीवाल के बाद अअढ को भी आरोपी बनाने की तैयारी Read More »

अडाणी-हिंडनबर्ग केस में सुप्रीम कोर्ट का रकळ जांच से इनकार

अडाणी-हिंडनबर्ग मामले में सुप्रीम कोर्ट ने आज यानी 3 जनवरी को सेबी को बचे हुए 2 मामलों की जांच के लिए 3 महीने का और समय दिया है। वहीं मामले की जांच को रएइक से लेकर रकळ को देने से भी इनकार कर दिया। चीफ जस्टिस डी वाई चंद्रचूड़, जस्टिस जे बी पारदीवाला और जस्टिस मनोज मिश्रा की बेंच ने यह फैसला सुनाया।
कोर्ट ने कहा कि सेबी के रेगुलेटरी फ्रेमवर्क में दखल देने की इस अदालत की शक्ति सीमित है। सेबी ने 24 में से 22 मामलों की जांच पूरी कर ली है। सॉलिसिटर जनरल के आश्वासन को ध्यान में रखते हुए, हम सेबी को अन्य दो मामलों में 3 महीने के भीतर जांच पूरी करने का निर्देश देते हैं। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि डउउढफ की रिपोर्ट को सेबी की जांच पर संदेह के तौर पर नहीं देखा जा सकता। सुप्रीम कोर्ट का मानना ​​है कि जांच को सेबी से रकळ को ट्रांसफर करने का कोई आधार नहीं है। इन्वेस्टर और कारोबारी जॉर्ज सोरोस और रॉकफेलर ब्रदर्स जैसे लोगों की फंडेड ह्यडउउफढह्ण 2006 में बनी एक इन्वेस्टिगेटिव संस्था है।
अडाणी बोले- सत्य की जीत हुई है- कोर्ट के इस फैसले के बाद अडाणी ग्रुप के चेयरमैन गौतम अडाणी ने कहा- ह्यकोर्ट के फैसले से पता चलता है कि: सत्य की जीत हुई है। सत्यमेव जयते। मैं उन लोगों का आभारी हूं जो हमारे साथ खड़े रहे। भारत की ग्रोथ स्टोरी में हमारा योगदान जारी रहेगा। जय हिन्द।
24 नवंबर को कोर्ट ने फैसला सुरक्षित रखा था- पिछले साल 24 नवंबर को कोर्ट ने मामले की सुनवाई के बाद अपना फैसला सुरक्षित रख लिया था। उखक ने कहा था- हमें अमेरिकी कंपनी हिंडनबर्ग की रिपोर्ट को तथ्यात्मक रूप से सही मानने की जरूरत नहीं है।

अडाणी-हिंडनबर्ग केस में सुप्रीम कोर्ट का रकळ जांच से इनकार Read More »

अब लोकसभा चुनाव से पहले सीएए कानून लागू करने की तैयारी

केंद्र की सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने लोकसभा की तैयारी शुरू कर दी है। चुनाव से पहले अयोध्या में राम मंदिर का उद्घाटन होने जा रहा है। साथ ही सरकार के सूत्रों ने मंगलवार को यह भी बताया कि नागरिकता (संशोधन) अधिनियम के नियम को लोकसभा चुनाव की घोषणा से बहुत पहले अधिसूचित किया जाएगा। आपको बता दें कि इस विधेयक को दिसंबर 2019 में संसद द्वारा मंजूरी दे दी गई थी। इस विधेयक में पाकिस्तान, अफगानिस्तान और बांग्लादेश में धार्मिक उत्पीड़न के कारण भारत आए हिंदुओं, सिखों, बौद्धों, जैनियों, पारसियों और ईसाइयों को भारतीय नागरिकता देने की वकालत की गई है। वहीं, मुसलमानों को इससे अलग रखा गया है।
कानून पारित होने के तुरंत बाद देश भर में इसके खिलाफ व्यापक विरोध प्रदर्शन शुरू हो गए। इस कानून के अधिनियमों को कभी भी अधिसूचित नहीं किया गया है। सरकार ने नियम बनाने के लिए बार-बार विस्तार की मांग की है। सूत्रों ने बताया है कि नियम अब तैयार हैं। आॅनलाइन पोर्टल भी तैयार है। सूत्रों ने यह भी बताया कि पूरी प्रक्रिया आॅनलाइन होगी और आवेदक अपने मोबाइल फोन से भी आवेदन कर सकते हैं। सूत्रों ने कहा, हम आने वाले दिनों में सीएए के लिए नियम जारी करने जा रहे हैं। एक बार नियम जारी होने के बाद कानून लागू किया जा सकता है और पात्र लोगों को भारतीय नागरिकता दी जा सकती है। यह पूछे जाने पर कि क्या लोकसभा चुनाव की घोषणा से पहले नियमों को अधिसूचित किया जाएगा, सूत्रों ने कहा कि सभी चीजें जगह पर हैं और हां उन्हें चुनाव से पहले लागू किए जाने की संभावना है। आवेदकों को वह वर्ष बताना होगा जब उन्होंने यात्रा दस्तावेजों के बिना भारत में प्रवेश किया था। आवेदकों से कोई दस्तावेज नहीं मांगा जाएगा। एक अधिकारी ने कहा कि केंद्र ने नियम बनाने के लिए अब तक आठ तारीखों के विस्तार का लाभ उठाया है। पिछले दो वर्षों में नौ राज्यों के 30 से अधिक जिला मजिस्ट्रेटों और गृह सचिवों को नागरिकता अधिनियम 1955 के तहत अफगानिस्तान, बांग्लादेश और पाकिस्तान से आने वाले हिंदुओं, सिखों, बौद्धों, जैनियों, पारसियों और ईसाइयों को भारतीय नागरिकता देने की शक्तियां दी गई हैं। पिछले हफ्ते पश्चिम बंगाल में भाजपा की सभा को संबोधित करते हुए केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि भाजपा सीएए के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा, दीदी (पं. बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी) अक्सर सीएए के बारे में हमारे शरणार्थी भाइयों को गुमराह करती हैं। मैं स्पष्ट कर दूं कि सीएए देश का कानून है और इसे कोई नहीं रोक सकता। सबको नागरिकता मिलने वाली है। यह हमारी पार्टी की प्रतिबद्धता है।

अब लोकसभा चुनाव से पहले सीएए कानून लागू करने की तैयारी Read More »

फिर जल उठा मणिपुर, थौबल में तीन लोगों की गोली मारकर हत्या

मणिपुर में नए साल के पहले ही दिन एक बार फिर हिंसा हुई। यहां थौबल के लेंगोल पहाड़ी इलाके में सोमवार शाम को 3 लोगों की गोली मारकर हत्या कर दी गई। 11 लोग घायल हुए हैं। कुछ मीडिया रिपोर्ट्स में मारे गए लोगों की संख्या 4 बताई गई है। स्थानीय लोगों ने हमलावरों की तीन गाड़ियों को भी आग के हवाले कर दिया। अधिकारियों ने बताया कि हमलावर लिलोंग चिंगजाओ इलाके में जबरन वसूली के लिए आए थे, जिसके बाद विवाद शुरू हुआ। स्थानीय लोगों ने हमलावरों को खदेड़ा, लेकिन बदमाशों ने भागते समय फायरिंग कर दी।
आरोपियों की पहचान अभी नहीं हो सकी है। मारे गए लोग पंगाल (मुस्लिम) बताए गए हैं। घायलों को अस्पताल ले जाया गया है। उनमें से कुछ की हालत गंभीर है। घटना के बाद इलाके में तनाव है। प्रशासन का दावा है कि हिंसा पर काबू पा लिया गया है। हालांकि, इंफाल पूर्व, इंफाल पश्चिम, थौबल, काकचिंग और बिष्णुपुर जिलों में फिर से कर्फ्यू लगा दिया गया है।
घटना के बाद आक्रोशित स्थानीय लोगों ने तीन गाड़ियों को आग के हवाले कर दिया। सीएम एन बीरेन सिंह ने एक वीडियो संदेश में हिंसा की निंदा की और लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की। उन्होंने सभी मंत्रियों और सत्तापक्ष के विधायकों की आपात् बैठक भी बुलाई है। मणिपुर 2023 में काफी सुर्खियों में रहा। यहां पिछले साल 3 मई से हिंसा हो रही है। यहां जातीय संघर्ष में 180 से अधिक लोगों की मौतें हुईं। करीब 60 हजार लोग बेघर हो गए। रविवार को हुई थी क्रॉस फायरिंग मणिपुर के मोरेह में रविवार को उस समय तनाव फैल गया था… जब विद्रोहियों और सुरक्षा बलों की क्रॉस फायरिंग में कुछ नागरिक घायल हो गए थे। घायलों का इलाज सुरक्षा बल के जवानों ने किया। रविवार को ही मैतेई और कुकी क्षेत्रों से कौट्रुक और कदंगबल क्षेत्रों में भी क्रॉस फायरिंग की खबरें सामने आई थीं।

फिर जल उठा मणिपुर, थौबल में तीन लोगों की गोली मारकर हत्या Read More »

Scroll to Top
Verified by MonsterInsights