Hindustanmailnews

देश

मेरा गांव मेरी अयोध्या : बैंडबाजे के साथ पीले चावल से दिया जा रहा न्योता

नगर में श्रीराम जन्मभूमि प्राण-प्रतिष्ठा महोत्सव की तैयारी को लेकर नगर में खासा उत्साह देखा जा रहा है। बाजार चौक स्थित रामेषठ हनुमान मंदिर पर 15 जनवरी से 151 घंटे का अखंड हनुमान चालीसा पाठ का आयोजन होगा। इस उपलक्ष्य में गलियों एवं चौराहे पर केसरिया ध्वजा पताका एवं वंदनवार से पूरे नगर को सजाया जा रहा है।
विश्व प्रसिद्ध श्री 24 अवतार मंदिर परिसर में पंडित गौरव व्यास की रामकथा का आयोजन किया जा रहा है तो दूसरी ओर राठौर समाज की ओर से एक प्रचार वाहन पूरे नगर में भ्रमण कर रहा है, जिसमें अयोध्या में होने वाले प्राण-प्रतिष्ठा महोत्सव की जानकारी दी जा रही है। सामाजिक समरसता की मिशाल कायम करने वाली जबरेश्वर सेना द्वारा जय स्तंभ चौक पर महाआरती एवं विशाल भंडारे का आयोजन भी किया जा रहा है, जिसमें हजारों लोग महाप्रसादी का लाभ प्राप्त करेंगे। महाआरती एवं भंडारे को सफल बनाने के लिए जबरेश्वर सेना के कार्यकर्ता लगे हुए हैं।
गौतमपुरा में निकली मनमोहक झांकियां और विशाल जुलूस- अयोध्या में श्रीरामजी प्राण-प्रतिष्ठा महोत्सव को लेकर सभी गांवों-नगरों में अलग-अलग विशाल और भव्य आयोजन किए जा रहे हैं… कहीं कलश यात्रा तो कहीं प्रभातफेरी तो कहीं सुन्दर काण्ड… आदि आयोजन किए जा रहे हैं। इसी तरह गौतम ऋषि की नगरी रूणजी गौतमपुरा में अक्षत कलश यात्रा का आयोजन किया गया। शांति व्यवस्था हेतु पुलिस प्रशासन भी मुस्तैद दिखा।

मेरा गांव मेरी अयोध्या : बैंडबाजे के साथ पीले चावल से दिया जा रहा न्योता Read More »

‘बिना आंख और सिर के हो रही प्राण-प्रतिष्ठा’

अयोध्या में 22 जनवरी को राम मंदिर में रामलला की प्राण-प्रतिष्ठा होने जा रही है। इस समारोह में चार शंकराचार्य शामिल नहीं हो रहे हैं। हालांकि चार में से दो ने आयोजन को अपना समर्थन दिया है, वहीं विश्व हिंदू परिषद् के कार्यकारी अध्यक्ष आलोक कुमार का कहना है कि केवल ज्योतिष के शंकराचार्य ने ही इस आयोजन के खिलाफ बयान दिया है। इसके अलावा सभी शंकराचार्य इसके समर्थन में हैं, वहीं उत्तराखंड के ज्योतिष पीठ के शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद ने रविवार को बताया कि आखिर उन्होंने ऐसा क्यों कहा कि राम मंदिर अभी अधूरा है और इसलिए वह इस पूरे कार्यक्रम में शामिल नहीं होंगे।
उन्होंने कहा- कोई भी मंदिर भगवान के शरीर की तरह होता है। मंदिर का शिखर भगवान की आंखों की तरह होता है और कलश सिर होता है। इसके अलावा मंदिर का ध्वज भगवान के केशों की तरह होता है। उन्होंने कहा- यह ठीक नहीं है कि बिना भगवान के सिर और आंखों के ही प्राण-प्रतिष्ठा कर दी जाए। यह शास्त्रों के विरुद्ध है, इसलिए मैं कार्यक्रम में नहीं जाऊंगा, क्योंकि अगर मैं गया तो लोग कहेंगे कि मेरे सामने ही शास्त्र का उल्लंघन हो रहा है, इसलिए मैंने इस पर सवाल खड़ा किया था और कहा था कि जब मंदिर का पूरा निर्माण हो जाए तब अयोध्या ट्रस्ट के लोग प्राण-प्रतिष्ठा का कार्यक्रम करवाएं।
22 जनवरी को होने वाले प्राण-प्रतिष्ठा आयोजन में चारों शंकराचार्य नहीं पहुंच रहे हैं। हालांकि दो ने इस कार्यक्रम के समर्थन में लेटर जारी किया है। बता दें कि शंकराचार्यों को हिंदू शास्त्रों का अधिष्ठाता माना जाता है। उत्तराखंड, ओडिशा, कर्नाटक और गुजरात के मठों में शंकराचार्य हैं।

रामानंद संप्रदाय के सबसे बड़े आचार्य को नहीं किया गया आमंत्रित
स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद स्वामी ने कहा- रामानंद संप्रदाय के जगद्गुरु रामानंदाचार्य स्वामी रामनरेशाचार्यजी महाराज हैं, काशी में उनका मुख्य मठ है श्रीमठ। वह रामानंद संप्रदाय के सबसे बड़े आचार्य माने जाते हैं। उन्होंने श्रीराम जन्मभूमि के लिए बहुत प्रयास किए हैं और उनके जो पूर्वाचार्य थे, श्री शिवरामाचार्यजी महाराज राम जन्मभूमि आंदोलन के लिए बनाए गए राम जन्मभूमि न्यास के अध्यक्ष थे। उन्हीं के सान्निध्य में यह सब आरंभ हुआ था। स्वामी रामनरेशाचार्यजी महाराज उन्हीं के उत्तराधिकारी हैं और बहुत बड़े विद्वान और प्रतिभाशाली व्यक्ति हैं और सभी का समन्वय करके चलते हैं। उनके यहां फोन करके पता करवाया कि आपकी क्या भूमिका है, वहां चंपत रायजी कह रहे हैं कि राम मंदिर रामानंद संप्रदाय का है तो पता चला कि उनको तो निमंत्रण भी नहीं मिला है।

‘बिना आंख और सिर के हो रही प्राण-प्रतिष्ठा’ Read More »

रेलवे ने पैरा-एथलीटों को अलॉट कर दी ऊपर की सीट!

भारतीय रेलवे में सिस्टम और इस सिस्टम को चलाने वाले बाबुओं की समझ और संवेदनहीनता का इससे बेहतरीन नमूना शायद आपने नहीं देखा होगा! शहर के पैरा-एथलीटों को भारतीय रेलवे की तरफ से ट्रेन से यात्रा करते समय ऊपर की बर्थ अलॉट की गई थी।
ये एथलीट गोआ में 22वीं राष्ट्रीय पैरा एथलेटिक्स चैंपियनशिप से लौट रहे थे। ऐसे में अब विकलांग एथलीट को जो मुश्किल हुई उसका दर्द तो सिर्फ वही समझ सकते हैं। ऊपर से जब टीटीई से बात की गई तो उनकी तरफ से भी कोई मदद नहीं मिली। इसके अलावा रेल अधिकारियों की तरफ से भी कोई जवाब नहीं मिल सका। गोआ में एक स्वर्ण और एक कांस्य पदक जीतने वाली पैरा-एथलीट सुवर्णा राज ने कहा कि कोई राष्ट्रीय एथलीट हो सकता है, देश को गौरवान्वित कर सकता है, लेकिन उनके साथ तीसरे दर्जे के नागरिक जैसा व्यवहार किया जा रहा है। सुवर्णा राज भी उन एथलीट में शामिल थीं, जिन्हें अपर बर्थ अलॉट की गई थी। उन्होंने बुकिंग के समय अपनी विकलांगता के बारे में बताया था, लेकिन फिर भी उन्हें थ्री-टियर एसी डिब्बे में आरएसी के तहत अपर बर्थ अलॉट की गई। उन्होंने इस संबंध में टीटीई से संपर्क किया, लेकिन कोई मदद नहीं मिली। सुवर्णा राज ने कहा कि जब हमने यात्रियों से सीटें बदलने के लिए कहा तो उन्होंने ऐसा करने से इनकार कर दिया। उन्होंने पूछा कि अगर हमें विशेष सीटें चाहिए थीं तो हमने पहले से टिकट क्यों नहीं बुक किए? एक अन्य पैरा-एथलीट, गजेंद्र पाल ने कहा कि विकलांग व्यक्ति के लिए ट्रेन में यात्रा करना एक भयानक अनुभव है।

रेलवे ने पैरा-एथलीटों को अलॉट कर दी ऊपर की सीट! Read More »

नौकरी के बदले साथ रात बिताने की डिमांड

छात्राओं को मैसेज करने वाला अफसर गिरफ्तार……….

बीज विकास निगम में नौकरी के लिए इंटरव्यू देने पहुंचीं तीन छात्राओं से जॉब के बदले एक रात साथ बिताने की मांग करने का मामला सामने आया है। इस तरह की घिनौनी हरकत इंटरव्यू पैनल में शामिल बीज निगम के प्रोडक्शन असिस्टेंट ने छात्राओं को वॉट्सएप मैसेज कर की। आरोपी ने वॉट्सएप मैसेज में साफ लिखा- जॉब चाहिए तो एक रात देनी पड़ेगी। एक छात्रा की 8 जनवरी को शिकायत मिलने पर ग्वालियर क्राइम ब्रांच ने आरोपी संजीव कुमार तंतुवे पर मामला दर्ज कर मोबाइल जब्त कर लिया है। आरोपी ने क्राइम ब्रांच के सामने अपनी गलती कबूल कर ली है। डीएसपी क्राइम शियाज केएम ने बताया कि बीज विकास निगम में संविदा भर्ती के लिए 3 जनवरी को कृषि विश्वविद्यालय में इंटरव्यू रखे गए थे। इसमें पीड़ित छात्रा सहित कई प्रतिभागी इंटरव्यू देने आए थे।
इंटरव्यू पैनल में भोपाल से आया आरोपी संजीव कुमार भी शामिल था। इंटरव्यू के कुछ घंटे बाद छात्रा को आरोपी ने कॉल किया और बात करने के बाद फोन कट कर दिया। फिर वॉट्सएप से मैसेज कर यह गंदी डिमांड उसके सामने रखी।

नौकरी के बदले साथ रात बिताने की डिमांड Read More »

सीकर में कार-बोलेरो की टक्कर में 7 की मौत

सीकर के लक्ष्मणगढ़ इलाके में रविवार शाम दर्दनाक हादसा हुआ। अर्टिगा गाड़ी डिवाइडर को पार करके सड़क के दूसरी तरफ चल रही बोलेरो कार से जा भिड़ी। हादसे में दोनों गाड़ियों के ड्राइवरों समेत 7 लोगों की मौत हो गई। 5 लोगों ने मौके पर ही दम तोड़ दिया, जबकि इलाज के लिए सीकर ले जाते समय एक महिला की रास्ते में मौत हो गई, वहीं देर रात एक महिला की जयपुर में इलाज के दौरान मौत हो गई।
हादसा जिले के लक्ष्मणगढ़ से निकल रहे जयपुर-बीकानेर (ठऌ-52) हाईवे पर रविवार शाम करीब 4:50 बजे हुआ। इस दौरान गाड़ियां पूरी तरह से चकनाचूर हो गई थीं और उनमें शव बुरी तरह से फंस गए थे, जिन्हें बड़ी मशक्कत के बाद बाहर निकाला गया। महिपाल ने बताया कि वह लक्ष्मणगढ़ से सीकर लौट रहे थे। महिपाल ड्राइवर सीट के पास बैठा हुआ था। इसी दौरान अचानक डिवाइडर के बीच लगे पौधों के बीच से एक गाड़ी आई, जो सीधे उनकी गाड़ी से टकरा गई।
कमरे में अंगीठी जलाकर सोए 6 लोगों की मौत
दिल्ली के अलग-अलग इलाकों में सर्दी से बचने के लिए कमरे में अंगीठी जलाकर सोए 6 लोगों की मौत हो गई। आउटर नॉर्थ दिल्ली के खेड़ा इलाके में घर के कमरे से पति-पत्नी और दो बच्चों के शव मिले। पुलिस के मुताबिक, कमरे में अंगीठी जलाई गई थी।
तंजानिया में खदान ढहने
से 22 लोगों की मौत
तंजानिया के सिमियु क्षेत्र में एक खदान ढहने से 22 लोगों की मौत हो गई। यह हादसा 13 जनवरी को दोपहर 11 बजे हुआ था। हादसे के बाद खदान में फंसे लोगों को बाहर निकालने के लिए रेस्क्यू आॅपरेशन चलाया गया।

सीकर में कार-बोलेरो की टक्कर में 7 की मौत Read More »

Scroll to Top
Verified by MonsterInsights