Hindustanmailnews

इंदौर

इंदौर के शिप्रा में 8 गैस सिलेंडर फटे, दो लोग घायल

हिन्दुस्तान मेल, इंदौर। इंदौर जिले के शिप्रा में एक दुकान में रखे अलग-अलग साइज के 8 गैस सिलेंडरों में ब्लास्ट के बाद आग लग गई। एक के बाद एक 8 धमाके हुए। दो लोग घायल हो गए। दुकान की छत भी क्षतिग्रस्त हो गई। धमाके इतने तेज थे कि दुकान की दीवारें भी ढह गईं। इससे सटी दो अन्य दुकानों में भी आग लग गई। घटना के बाद इलाके में हड़कंप मच गया। पास की बिल्डिंग को खाली करा लिया गया है। सिलेंडरों में दो, पांच, 14 किलो और कमर्शियल सिलेंडर शामिल थे। घटना शहर के शिप्रा इलाके में शुक्रवार दोपहर की है। आग पर काबू पाने के लिए इंदौर, सांवेर और देवास से फायर ब्रिगेड की गाड़ियां मौके पर पहुंचीं। हादसे में दो लोग घायल हो गए, जिन्हें देवास के महात्मा गांधी जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है। सांवेर एसडीएम गोपालसिंह वर्मा ने बताया कि इंदौर-भोपाल रोड पर शिप्रा कस्बा है। यहां बाजार के अंदर एक दुकान में गैस सिलेंडर रखे हुए थे। यहां अवैध रूप से बड़े सिलेंडर से छोटे सिलेंडर में रिफिलिंग होती थी। शिप्रा थाना प्रभारी जीएस महोबिया ने बताया कि लोहार पिपल्या का रहने वाला मनीष पटेल छोटे चूल्हे और बर्तन बेचता है। वह घरेलू गैस के छोटे सिलेंडर बेचता भी है और उनकी रिफिलिंग भी करता है।

इंदौर के शिप्रा में 8 गैस सिलेंडर फटे, दो लोग घायल Read More »

तीनों राज्यों में मुख्यमंत्री चयन के लिए पर्यवेक्षक नियुक्त

पिछले चार-पांच दिन गहन मंथन के पश्चात भारतीय जनता पार्टी का वरिष्ठ नेतृत्व लगभग निष्कर्ष पर पहुंच चुका है कि मध्यप्रदेश की कमान अब किसके हाथ होगी। भाजपा आज (शुक्रवार को) केंद्र की ओर से पर्यवेक्षक (आॅब्जर्वर) नियुक्त करने जा रही है, जो राजधानी भोपाल में जाएंगे। यहां आकर वे नव-चयनित विधायकों के साथ वन-टू-वन मीटिंग करेंगे। इस दरमियान पर्यवेक्षक प्रत्यक्ष रूप से विधायकों से सीएम उम्मीदवारी पर रायशुमारी करेंगे, वहीं केंद्र का संदेश भी देंगे कि सूबे की कमान अब किसके हाथ होगी।

इस रायशुमारी के बाद जो भी नाम सामने आएंगे, उनका एक पैनल तैयार होगा, उसे रविवार तक भाजपा के केंद्रीय नेतृत्व के समक्ष रखा जाएगा, जिस पर पीएम मोदी, अमित शाह, राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्‌डा विचार करेंगे। इसके बाद एक नाम तय किया जाएगा और उसके बाद एक बार फिर से भोपाल में बीजेपी के विधायक दल की मीटिंग बुलाएंगे और सीएम के नाम का औपचारिक ऐलान किया जाएगा। इस प्रकार मध्यप्रदेश के साथ ही छत्तीसगढ़ और राजस्थान के सीएम तय करने का रास्ता साफ कर दिया गया है।
रविवार को होगी विधायक दल की बैठक : भाजपा ने रविवार 10 दिसंबर को विधायक दल की बैठक बुलाई है। आॅब्जर्वर इसमें विधायक दल के नेता यानी सीएम की घोषणा करेंगे। सूबे का मुखिया कौन होगा, इसे लेकर दो स्थितियां बन सकती हैं। पहली- शिवराज पांचवीं बार सीएम बनें। दूसरी- शिवराज की जगह दिग्गजों में से कोई एक सीएम बने। इधर, दिल्ली में डेरा डाले बड़े नेताओं में प्रहलाद सिंह पटेल, कैलाश विजयवर्गीय और वीडी शर्मा भोपाल लौट आए हैं। बीजेपी महासचिव कैलाश विजयवर्गीय ने कहा कि मुख्यमंत्री के नाम पर सस्पेंस रविवार को खत्म हो जाएगा।
…तो प्रहलाद पटेल सबसे आगे : सूत्रों के अनुसार, आलाकमान मप्र में सीएम को लेकर ओबीसी चेहरे की ओर बढ़ रहा है। शिवराज सिंह चौहान के बदलने की स्थिति में प्रहलाद पटेल का नाम सबसे आगे है। बिल्कुल नया ओबीसी फेस देने पर भी विचार हो रहा है।
ओबीसी नहीं तो फिर तोमर होंगे बॉस: अगर ओबीसी कार्ड नहीं चला तो ऐसे में केंद्रीय मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर का नाम सीएम की रेस में सबसे आगे होगा। इसके अलावा मध्य प्रदेश में भी डिप्टी सीएम के फॉर्मूले को लागू किया जाएगा। उल्लेखनीय है कि ग्वालियर में करीब 20 से ज्यादा जगहों पर नरेंद्र सिंह तोमर के पोस्टर लगे। जिस पर लिखा है- बॉस।
शिवराज बोले- केंद्र तय करेगा: मुख्यमंत्री कौन होगा, इस सवाल पर सीएम शिवराज सिंह ने कहा कि यह तय करना पार्टी का काम है। सीएम शिवराज सिंह आज (शुक्रवार को) राघौगढ़ पहुंच रहे हैं। वे कह चुके हैं कि मुझे पार्टी ने जो भी काम दिया, मैंने पूरी निष्ठा और समर्पण से पूरा किया। मैं मुख्यमंत्री पद की रेस में न तो पहले था, न ही अब हूं।
विजयवर्गीय ने कहा : मीडिया के सवाल पर विजयवर्गीय ने कहा कि सीएम पद के लिए एक दर्जन नाम चल रहे हैं और ये सभी नाम आप ही चला रहे हैं।
गुरुवार को हुआ घटनाक्रम : इससे पहले के घटनाक्रम में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने पीएम हाउस पहुंचकर प्रधानमंत्री मोदी से मुलाकात की। इसके अलावा भाजपा संसदीय दल की बैठक हुई। इसमें प्रधानमंत्री ने कहा, तीनों राज्यों की जीत संगठन की शक्ति और टीम वर्क का नतीजा है। वीडी शर्मा ने नरेंद्र सिंह तोमर और रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव से मुलाकात की। प्रहलाद पटेल ने मुरली मनोहर जोशी से आशीर्वाद लिया।
अगर शिवराज के नाम पर लगी मुहर तो : विधानसभा चुनाव जीतने वाले 2 केंद्रीय मंत्री- नरेंद्र सिंह तोमर और प्रहलाद पटेल के साथ तीनों सांसद राकेश सिंह, राव उदय प्रताप सिंह और रीति पाठक ने लोकसभा की सदस्यता से इस्तीफा दे दिया है। अब साफ हो गया है कि पांचों नेताओं की भूमिका अब मध्य प्रदेश में ही रहेगी। इन सभी को सरकार या संगठन में नई जिम्मेदारी देने की कवायद दिल्ली में चल रही है।
सीएम फेस के एलान में देरी पर विपक्ष ने उठाए सवाल : बीजेपी की तरफ से सीएम के एलान में हो रही देरी पर विपक्ष ने सवाल उठाए हैं। शिवसेना सांसद प्रियंका चतुवेर्दी ने कहा कि चुनावी नतीजों के बाद भी 48 घंटे के बाद भी बीजेपी ने सीएम फेस का एलान नहीं किया है। प्रियंका ने कहा कि राजस्थान में जिस तरह हालात बन रहे हैं वहां मुख्यमंत्री की जरूरत है।

तीनों राज्यों में मुख्यमंत्री चयन के लिए पर्यवेक्षक नियुक्त Read More »

इंदौर के ठेकेदार सुसाइड केस में संदिग्ध निगम अफसर लापता

इंदौर नगर निगम में ठेकेदार सुसाइड केस में ठेकेदार का परिवार निगम के रिटायर्ड अफसर को ही दोषी ठहरा रहा है। मृतक के परिजन इस मामले में 10 दिसंबर तक बयान दर्ज कराएंगे। इधर, रिटायरमेंट से पहले ही वीआरएस देकर रिटायर कर दिए गए अफसर ठेकेदार की मौत के बाद से ही लापता हैं।
बताया जा रहा है कि इंदौर में हुए दो बड़े आयोजनों से मोटा कमीशन हासिल करने के लिए निगम के रिटायर्ड अफसर ने ही कंपनी को टेंडर दिलाया। इसमें डॉक्यूमेंट में नाम ना लेते हुए सारे काम बतौर पेटी कांट्रैक्टर भाटिया को दिला दिए।
इसके बाद कंपनी को तो नगर निगम की तरफ से पेमेंट हुआ। लेकिन भाटिया के पास उनका पेमेंट नहीं पहुंचा। अमरजीत के पास खुद करीब 50 से ज्यादा छोटे पेटी कांट्रैक्टर काम करते थे। उन्होंने इन आयोजनों में उनसे काम भी करवाया था,जो पेमेंट के लिए भाटिया के पास तकादा लगा रहे थे। तुकोगंज पुलिस ने नगर निगम के सीनियर ठेकेदार अमरजीत सिंह भाटिया की मौत के मामले में दो बार परिवार के लोगों से बात करने की बात कोशिश की। लेकिन उन्होंने गमी के चलते 10 दिसंबर तक थाने आकर बयान देने की बात कही है। वीआरएस ले चुके निगम अधिकारी के बारे में परिवार का कहना है कि उन्होंने ठेका लेने वाली कंपनी से अपने कमीशन का हिसाब-किताब तो कर

इंदौर के ठेकेदार सुसाइड केस में संदिग्ध निगम अफसर लापता Read More »

पहले पोस्टल बैलेट की गिनती होगी फिर ईवीएम में दर्ज मतों की गणना

विधानसभा चुनाव की मतगणना को लेकर व्यापक तैयारियां की जा रही हैं। मतगणना 3 दिसंबर को नेहरू स्टेडियम में होगी। मतगणना का सिलसिला सुबह 8 बजे से प्रारंभ हो जाएगा। सबसे पहले पोस्टल बैलेट की गिनती शुरू की जाएगी, वहीं सुबह 8:30 बजे से ईवीएम में दर्ज मतों की गणना प्रारंभ होगी। मतगणना को लेकर मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी अनुपम राजन ने महत्वपूर्ण दिशा-निर्देश दिए हैं।
मुख्य निर्वाचन अधिकारी अनुपम राजन ने मंगलवार को भोपाल से जिला कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारियों को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए निर्देश में कहा कि सभी जिला निर्वाचन अधिकारी सजग एवं सतर्क रहें और मतगणना को पारदर्शी प्रक्रिया से संपन्न कराएं। स्ट्रांग रूम में केन्द्रीय सशस्त्र पुलिस बल की सुरक्षा व्यवस्था की जाए। मतगणना के दिन विद्युत की सतत आपूर्ति हो और किसी भी वजह से मतगणना प्रभावित न हो। राजन ने मतगणना संबंधी जिलों में की जा रही तैयारियों को लेकर जिलेवार विस्तार से चर्चा की और आवश्यक निर्देश दिए।
जिला निर्वाचन अधिकारी प्रतिदिन स्ट्रांग रूम का दो बार करें निरीक्षण और भेजें रिपोर्ट
मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी राजन ने कहा कि सभी जिला निर्वाचन अधिकारी ईवीएम स्ट्रांग रूम और जिस जगह पर पोस्टल बैलेट रखे गए हैं, उसका प्रतिदिन दो बार सुबह और शाम निरीक्षण करें और उसकी रिपोर्ट भेजें। ईवीएम स्ट्रांग रूम और पोस्टल बैलेट की सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम रहे, यह भी सुनिश्ेिचत कर लें। वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग में अपर मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी राजेश कुमार कौल, संयुक्त मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी बसंत कुर्रे और उप मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी प्रमोद कुमार शुक्ला उपस्थित थे।
राजन इंदौर में मतगणना स्थल
का करेंगे निरीक्षण
मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी कार्यालय के वरिष्ठ अधिकारी प्रदेश के विभिन्न मतगणना स्थलों का निरीक्षण करेंगे। इस संबंध में वरिष्ठ अधिकारियों को जिलेवार दायित्व दिए गए हैं। इंदौर की मतगणना स्थल का निरीक्षण मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी अनुपम राजन करेंगे।
मतगणना के दौरान मिलेगा
नाश्ता और भोजन
जिले में 3 दिसंबर को होने वाली मतगणना के लिए बड़ी संख्या में अधिकारी-कर्मचारियों की ड्यूटी लगायी जाएगी। इन अधिकारी-कर्मचारियों को मतगणना स्थल नेहरू स्टेडियम में सुबह से ही चाय, पानी, नाश्ता तथा भोजन उपलब्ध कराया जाएगा।

पहले पोस्टल बैलेट की गिनती होगी फिर ईवीएम में दर्ज मतों की गणना Read More »

1200 कर्मचारी जिला जेल में करेंगे मतों की गणना………..

जिला निर्वाचन कार्यालय द्वारा सात विधानसभा क्षेत्र में 17 नवंबर को हुए मतदान की मतगणना को लेकर तैयारी शुरू कर दी गई है। इस बार मतगणना के लिए 1200 कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई जा रही है। इनको जल्द ही दो चरणों में प्रशिक्षण भी दिया जाएगा। सबसे पहले दक्षिण-पश्चिम और फिर उत्तर व मध्य विधानसभा क्षेत्र के परिणाम आएंगे।
पहले डाक मतों की गिनती
मतगणना की शुरुआत दिव्यांग और बुजुर्ग व डाक मतपत्रों की गिनती से होगी। इनके लिए एक विधानसभा क्षेत्र में तीन से चार टेबल लगाई जाएंगी। इनकी गिनती के बाद सातों विधानसभा क्षेत्र की ईवीएम के मतों की गिनती की जाएगी। बता दें कि इस बार सात विधानसभा क्षेत्र में कुल 96 प्रत्याशी मैदान में हैं।
मतगणना के लिए
14-14 टेबलें
जिले की सात विधानसभा क्षेत्र में मतों की गणना के लिए 14-14 टेबलें लगाई जाएंगी। हर विधानसभा क्षेत्र के मतों की गिनती इन टेबलों पर होगी। इससे एक बार में 14 मतदान केंद्रों की ईवीएम के मतों का पता चलेगा। इस तरह विधानसभा के मतदान केंद्रों के हिसाब से चरण होंगे। कुल मतदान केंद्र और डाक मतपत्र की गिनती के बाद विधानसभा के रिटर्निंग अधिकारी कुल मतों का प्रमाणपत्र जारी करेंगे। जिससे प्रत्याशी को मिले मतों के हिसाब से हार-जीत का फैसला होगा। जिला जेल के स्ट्रांग रूम में तीन दिसंबर रविवार को सुबह आठ बजे से दो हजार 49 ईवीएम के मतों की गिनती की जाएगी।
26 और 30 नवंबर को दिया जा सकता है प्रशिक्षण
जिले के सात विधानसभा क्षेत्र बैरसिया, नरेला, उत्तर, मध्य, गोविंदपुरा, दक्षिण-पश्चिम और हुजूर के ईवीएम मतों की गणना एक हजार 200 कर्मचारियों से कराई जाएगी। इससे पहले इन कर्मचारियों को प्रशिक्षण दिया जाएगा। यह प्रशिक्षण 26 नवंबर ओर दूसरा 30 नवंबर को दिया जा सकता है। समन्वय भवन और माडल स्कूल में दो प्रशिक्षण सत्र आयोजित किए जाने की तैयारी है। दोनों ही सत्रों में 600-600 कर्मचारी शामिल होंगे। यहां पर मास्टर ट्रेनर्स कर्मचारियों को मतगणना से जुड़ी हर प्रकार की जानकारी देंगे।
मतगणना के लिए शुरू कर दी है तैयारी
आशीष सिंह, जिला निर्वाचन अधिकारी एवं कलेक्टर, भोपाल का कहना है कि जिला जेल में तीन दिसंबर को होने वाली मतगणना के लिए तैयारियां शुरू कर दी गई हैं। कर्मचारियों को प्रशिक्षण भी दिया जाएगा। पहले डाक मतपत्र और दिव्यांग एवं बुजुर्ग मतदाताओं के मतों की गिनती होगी और इसके बाद ईवीएम की गिनती शुरू कर दी जाएगी।

1200 कर्मचारी जिला जेल में करेंगे मतों की गणना……….. Read More »

Scroll to Top
Verified by MonsterInsights