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इंदौर

देवी अहिल्या यूनिवर्सिटी से हुई स्वच्छता पर देश की पहली पीएचडी

‘घर-घर दीप जलाएंगे… राम महोत्सव मनाएंगे’
इंदौर। सांई राम अखण्ड सेवा समिति द्वारा 22 जनवरी को होने वाले राम मंदिर प्राण-प्रतिष्ठा कार्यक्रम के अंतर्गत राम महोत्सव के साथ भंडारे व रंगारंग सांस्कृतिक कार्यकम का आयोजन किया गया। आयोजक पप्पी शर्मा ने बताया कि आनंदम केंद्र पर 1 जनवरी को राम उत्सव मनाया गया, जिसमें जनता से आह्वान किया गया कि 22 जनवरी को अयोध्या में भगवान श्रीराम का भव्य मंदिर बनाया जा रहा है, उसी कड़ी में अपने घर में पांच दीये जलाएं।

देश में लगातार छह बार स्वच्छता को लेकर पहले स्थान पर आने के साथ ही इंदौर का नाम अब स्वच्छता पर शोध को लेकर भी सिरमौर हो गया है। स्वच्छता पर देश की संभवत: पहली पीएचडी इंदौर के देवी अहिल्या यूनिवर्सिटी के पत्रकारिता एवं जनसंचार अध्ययनशाला ने करवाई है। खास बात यह है कि शोध में इंदौर की स्वच्छता का 223 वर्षों का इतिहास सामने आया है। पीएचडी का शीर्षक ‘इंदौर शहर में स्वच्छता के प्रति जागरूकता में मीडिया की भूमिका’ है।
पिछले 6 वर्षों से देश में सबसे स्वच्छ शहर का खिताब जीत रहे इंदौर शहर के नाम स्वच्छता को लेकर एक और उपलब्धि जुड़ गई है। देवी अहिल्या विश्वविद्यालय के पत्रकारिता एवं जनसंचार अध्यनशाला से स्वच्छता पर पहली पीएचडी अवॉर्ड हुई है। विभागाध्यक्ष डॉ. सोनाली नरगुंदे के निर्देशन में जितेन्द्र जाखेटिया ने यह शोघ किया है। शोध में जाखेटिया ने देश में चल रहे स्वच्छता अभियान पर इंदौर को केंद्रित कर अपना शोधकार्य प्रस्तुत किया। डॉ. नरगुंदे ने बताया- शोध में स्वच्छता अभियान के इतिहास से लेकर अभी तक के सभी प्रयासों को शामिल किया। शोध में 700 लोगों, खासकर स्वच्छताकर्मियों से प्रश्नावली भरवाई और 300 किताबों व आलेख का गहन अध्ययन करने के बाद अपना शोध कार्य किया। इंदौर के स्वच्छता अभियान संबंधी सभी कदमों को उपयोगिता के मापदंड पर परखने के लिए मध्यप्रदेश के अन्य 4 शहरों भोपाल, जबलपुर, उज्जैन, ग्वालियर से इंदौर की तुलना भी की गई।
शोध में इंदौर के पिछले 223 वर्ष के स्वच्छता के इतिहास को विस्तार के साथ उजागर किया गया है। इंदौर में स्वच्छता पर पहली बार काम वर्ष 1800 में शुरू हुआ था। 1810 में फैली प्लेग महामारी से लेकर वर्तमान काल तक के स्वच्छता के कार्यों को जगह मिली। राजनीतिक माहौल का भी असर स्वच्छता अभियान पर साफ दिखाई दिया और यह सामने आया कि नेता और अन्य राजनीतिक संबंध वाले लोग अपने करीबियों को कार्रवाई से नहीं बचा रहे थे, वहीं दूसरी तरफ 2014 से सभी नेताओं ने स्वयं स्वच्छता को बढ़ावा दिया और स्वच्छता अभियान में बाधा बनने वाले लोगों का विरोध किया। गंदगी से फैलने वाली बीमारियों को ध्यान में रखकर निजी एवं सरकारी शौचालयों का निर्माण करवाया, लोगों से कचरा अलग-अलग कर डस्टबिन में डालने का आग्रह किया और मीडिया की मदद से जनता तक सभी जरूरी सूचनाएं पहुंचाई गईं।
शोध में यह निष्कर्ष रहा कि मीडिया के माध्यम से ही जनता को हर महत्वपूर्ण जानकारी उपलब्ध हुई, जिससे कि जनता शिक्षित हुई और एक जनजागरण का आगाज हुआ, जिसमें राजनीतिक इच्छाशक्ति भी सम्मिलित हुई। इंदौर को देश का सबसे स्वच्छ शहर बनाने के लिए जनता के व्यवहार में परिवर्तन में इस शहर के प्रिंट मीडिया ने सबसे अहम् भूमिका का निर्वहन किया। प्रिंट मीडिया के द्वारा जिस तरह से जनता को शिक्षित और जागरूक करने का काम किया गया, उसी का परिणाम है कि वर्ष-2017 में पहली बार जब इंदौर स्वच्छता में नंबर एक बना तो फिर तब से लेकर अब तक नंबर एक की ही स्थिति में है।

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हड़ताल ने बिगाड़ा रसोई का गणित

इंदौर। पहले से महंगाई की मार झेल लोगों के लिए हिट एंड रन कानून के विरोध में बस और ट्रक ड्राइवरों द्वारा की गई हड़ताल ने कमर तोड़कर रख दी है। हड़ताल का सबसे ज्यादा असर सब्जियों पर पड़ा। सब्जियों के भाव दुगने से तीन गुना तक हो गए। हड़ताल खत्म होने से फिर भाव कम होना शुरू हो गए हैं।
हिट एंड कानून के विरोध में बस आॅपरेटर और ट्रक चालकों द्वारा की गई हड़ताल का रोजमर्रा की वस्तुओं पर खासा असर पड़ा।। खासतौर पर सब्जियों के भाव आसमान पर पहुंच गए। सब्जियों की आवक नहीं होने से सब्जियों के भाव दो से तीन गुना बढ़ गए। मंडियों में तो सब्जियों के भाव में इजाफा हुआ ही… खुदरा भाव में भी सब्जियां काफी ऊंचे दाम पर बिकीं।

देवी अहिल्याबाई होलकर फल एवं सब्जी मंडी से मिली जानकारी के अनुसार हड़ताल के पहले टमाटर के भाव 300 रुपए कैरेट थे, जो हड़ताल के दौरान 800 रुपए कैरेट तक पहुंच गए थे। इसी प्रकार बटला 25-30 रुपए से बढ़कर 50 रुपए किलो के आसपास पहुंच गया था। भिंडी के भाव 30-40 रुपए किलो से बढ़कर 50 के करीब पहुंच गए थे, वहीं गिलकी 25 से 30 रुपए किलो बिकी, पहले इसके थोक भाव 20 रुपए किलो थे। 10 से 12 रुपए बिकने वाली लौकी के भाव 20 रुपए के आसपास पहुंच गए। 25 रुपए किलो वाली शिमला मिर्ची 50 रुपए तक बिकी, धनिया 50 से 60 रुपए किलो बिका, जो हडताल के पहले 30 रुपर किलो था। इसी प्रकार पत्तागोभी 10 से 15 रुपर किलो बिकी, पहले इसका भाव 5-10 रुपर किलो था। चवला 20-25 रुपए किलो से बढ़कर 35 रुपए किलो तक बिका। ग्वारफली 60 रुपए किलो तक बिकी हड़ताल के पहले भाव 40 से 50 रुपए किलो तक था।

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इंदौर में आधी रात में हुई तेज बारिश

शहर में मंगलवार देर रात जोरदार बारिश हो गई। हालांकि सर्द हवा के कारण मंगलवार शाम से ही मौसम बदल गया था और सर्दी बढ़ गई थी। हालांकि रात 10 बजे से कोहरा छाने लगा था, लेकिन रात 2 बजे के बाद पूरे शहर में बारिश होने लगी। पहले हल्की बूंदाबांदी हुई और इसके बाद जोरदार बारिश होती रही। शहर के अलग-अलग इलाकों में रुक-रुककर सुबह तक बारिश होती रही। इससे तापमान में एकाएक गिरावट आ गई।
नए साल की शुरुआत से ही प्रदेश में मौसम बदला हुआ है। सर्द हवा चल रही है तो घना कोहरा भी है। मंगलवार को भी सर्द हवा चलती रही। इससे दिन के तापमान में 1 से 3 डिग्री तक की गिरावट हुई है। इंदौर में सोमवार सुबह तक दृश्यता 3 हजार मीटर थी, वह रात से मंगलवार सुबह 6 बजे तक घटकर 1 हजार मीटर ही रह गई। उत्तर-पूर्वी हवा ने कंपकंपी वाला माहौल बना दिया। मौसम वैज्ञानिक अशफाक हुसैन ने बताया कि नमी ज्यादा थी। उत्तर से ठंडी हवा आई, इसलिए दिन भी सर्द रहे। एक-दो दिन कोहरा और छा सकता है। उसके बाद प्रदेश के कई इलाकों में बादल और कहीं बूंदाबांदी व हलकी बारिश के आसार हैं। मंगलवार को न्यूनतम तापमान- 15.3 डिग्री रहा। हालांकि यह सामान्य से 6 डिग्री ज्यादा था, वहीं अधिकतम 26.9 डिग्री रहा, जो सामान्य 1 डिग्री अधिक था।

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गंदे कमेंट्स का विरोध किया तो नशे में धुत्त आरोपी ने चढ़ा दी कार

वह बेटी नहीं, मेरा बेटा थी। मेरा तो सब कुछ चला गया है। हमें तो उसके एक्सीडेंट की बात बताई गई थी। रुपए उधार लेकर हम उसे लेने गए थे, पर उसे जिंदा नहीं देख पाए… यह पीड़ा है उस मां की, जिसकी बेटी उमा को मंगलवार को जयपुर में कार से कुचलकर मार दिया गया था। गुरुवार को नीमच जिले स्थित उसके गांव खातीखेड़ा में उसका अंतिम संस्कार किया गया। अंतिम संस्कार में उसका घायल दोस्त भी शामिल हुआ। उसने कहा- उस हत्यारे को कड़ी सजा मिले।
कॉल आया- बेटी का एक्सीडेंट हो गया है- पिता मोतीलाल सुथार कहते हैं- दो महीने पहले ही बेटी उमा (25) घर आई थी। काम ज्यादा था तो रातभर रुकी और अगले दिन जयपुर रवाना हो गई। वह करीब दो साल से जयपुर में रहकर इवेंट मैनेजमेंट का काम कर रही थी। मंगलवार सुबह कॉल आया कि आपकी बेटी का एक्सीडेंट हो गया है। आप लोग जल्दी जयपुर आ जाओ।
अचानक से ऐसा कॉल आया तो हम घबरा गए। पैसे नहीं थे तो यहां-वहां से उधार लिए। ज्यादा व्यवस्था नहीं हुई तो दोनों बच्चों को घर पर छोड़कर पत्नी के साथ बस से जयपुर पहुंचा। रात 9 बजे बस स्टैंड पर उतरे और सीधे अस्पताल पहुंचे। यहां से हमें जवाहर नगर थाने जाने को कहा गया। थाने पर डीएसपी सर ने हमें घटना बताई। उन्होंने कहा- आपकी बेटी की कोई गलती नहीं थी। एक लड़के को बचाने के चक्कर में उस पर गाड़ी चढ़ा दी गई।
राजकुमार से बेटी की पहचान डेढ़ साल पहले जयपुर में काम के दौरान हुई थी। वह नौकरी करता था। जब बेटी का काम नहीं चलता था तो वह राजकुमार के साथ काम किया करती थी। उस दिन होटल के ऊपरी माले पर बेटी और राजकुमार काम देख रहे थे। काम ज्यादा होने से रात में भी काम चल रहा था। नीचे होटल में क्रिसमस की पार्टी चल रही थी।
मंगेश पार्टी करने आया था। बेटी तो उसे नहीं जानती थी, लेकिन राजकुमार से उसकी पहचान थी। काम खत्म कर दोनों नीचे आ रहे थे, तभी नशे में धुत मंगेश उन्हें मिल गया। उसने बेटी उमा को लेकर कुछ कमेंट किया। इन लोगों ने विरोध किया तो उसने मारपीट कर दी। इन्होंने वापस जाने के लिए टैक्सी बुक की थी। वे आगे बढ़े तो उसने टैक्सी में तोड़फोड़ कर दी और इन्हें गालियां देने लगा। मना करने पर दौड़कर अपनी गाड़ी को स्टार्ट किया और रिवर्स लेकर गाड़ी आगे बढ़ा दी। राजकुमार दूर जा गिरा और बेटी उमा के ऊपर से गाड़ी गुजर गई।
पहले कार रिवर्स ली, फिर दोनों पर चढ़ा दी- जयपुर जवाहर सर्किल थाना इलाके स्थित एवरलैंड विश होटल में मंगलवार को क्रिसमस पार्टी चल रही थी। मध्यप्रदेश के नीमच जिले की रहने वाली उमा सुथार (25) दोस्त के साथ इवेंट मैनेजमेंट से संबंधित काम के सिलसिले में होटल पहुंची थी। उमा के अलावा यहां मानसरोवर, जयपुर निवासी मंगेश अरोड़ा (35), श्रेया भारद्वाज (30) और झुंझुनूं निवासी राजकुमार जाट (35) भी थे। सुबह करीब 5 बजे चारों होटल से बाहर निकले। किसी बात को लेकर चारों के बीच सड़क पर विवाद होने लगा। विवाद झूमा-झटकी तक पहुंच गया। राजकुमार और उमा ने जाने के लिए जो कैब बुक की थी। मंगेश अरोड़ा ने डंडे से उसके कांच फोड़ दिए। इसके बाद मंगेश और श्रेया दौड़कर अपनी कार में सवार हो गए, जबकि राजकुमार जाट और उमा सुथार सड़क पर थे।
मंगेश ने कार स्टार्ट की… ये उसे रोकने की कोशिश करने लगे। मंगेश ने कार को रिवर्स किया और फिर तेजी से दौड़ा दिया। कार राजकुमार और उमा को चपेट में लेते हुए आगे बढ़ गई। गंभीर हालत में उसे अस्पताल लेकर जाया गया, जहां डॉक्टर ने उसे मृत घोषित कर दिया। सूचना के बाद पुलिस मौके पर पहुंची। लोगों ने बताया कि आरोपी मंगेश नशे में धुत्त था। घटना के बाद वह कार समेत फरार हो गया। इस दर्दनाक घटना का वीडियो भी वहां लगे कैमरे में कैद हो गया।

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ट्रेक पर सरपट दौड़ेगी ‘छुक-छुक गाड़ी’- लालवानी

इंदौर इंदौर-उज्जैन रेलवे लाइन का दोहरीकरण का कार्य पूरा हो गया है। बरलाई-लक्ष्मी नगर खंड का रेल सुरक्षा आयुक्त द्वारा निरीक्षण एवं स्पीड ट्रायल किया गया।
पश्चिम रेलवे रतलाम मंडल के उज्‍जैन-देवास-इंदौर खंड पर दोहरीकरण कार्य के तहत बरलई से लक्ष्‍मीबाई नगर तक दोहरीकरण कार्य पूर्ण हो गया है। इस खंड का गुरुवार को रेल संरक्षा आयुक्‍त पश्चिम परिमंडल आर.के. शर्मा द्वारा निरीक्षण एवं स्‍पीड ट्रॉयल किया गया। निरीक्षण के दौरान रेलवे ट्रैक, पुल-पुलिया, अप्रोच की जांच के साथ ही इंटरमीडिएट स्‍टेशन के मध्‍य गति के साथ मोटर ट्रॉली निरीक्षण एवं निरीक्षण यान से ट्रॉयल रन कर ट्रैक की क्षमता की जांच की गई। इंदौर सांसद शंकर लालवानी भी इस कार्य की निरंतर मॉनिटरिंग कर रहे थे। सासंद लालवानी ने कहा कि दोहरीकरण का कार्य पूरा होने से ट्रेन अब सरपट दौड़ेगी। उन्होंने प्रधानमंत्री व रेल मंत्री का धन्यवाद भी अदा किया।

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