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इंदौर

चार फ्लाईओवर के कामको मिलेगी रफ्तार…दूर होंगी बाधाएं

इंदौर। सरकार की सेतु बंधन योजना के इंदौर शहर में बनने वाले चार फ्लाईओवर ब्रिज निर्माण को अब रफ्तार मिलेगी। ब्रिज में रही बाधाओं को प्राथमिकता से दूर किया जाएगा। कलेक्टर ने सम्बंधित विभागों के अफसरों की बैठक लेकर जल्द बाधाओं को दूर करने के निर्देश दिए है। चुनाव आचार सहिंता लगने के पहले काम शुरू करने की तैयारी है।ब्रिज बनने से जहाँ शहर की यातायात व्यवस्था में सुधार होगा वही आवागमन भी आसान हो जाएगा। वही लाखों लोगों की राह भी आसान हो जाएगी।
सेतु बंधन योजना के तहत शहर के चार प्रमुख चौराहा देवास नाका, सत्य साई, आईटी पार्क और मूसाखेड़ी चौराहा पर फ्लाईओवर ब्रिज बनाने की योजना है। ब्रिज का निर्माण मध्यप्रदेश रोड डेवलपमेंट कॉर्पिरेशन द्वारा किया जा रहा है। ब्रिज के निर्माण के लिए काफी महीने पहले एजेंसियां तय हो गई है और वर्क आॅडर भी जारी हो गए है। ब्रिज के लिए मिट्टी परीक्षण का काम भी पूरा हो चुका है। बाधाओं की वजह निर्माण कार्य रफ़्तार नही पकड़ पा रहा है।

ब्रिज की बाधाओं को दूर करने के लिए कलेक्टर आशीष सिंह ने मोर्चा सम्हाला है। स्वीकृत चार फ्लाय ओवर का कार्य शीघ्र प्रारंभ करने के संबंध में उन्होंने संबंधित विभागों के अधिकारियों की बैठक ली और आवश्यक दिशा-निर्देश दिये। बैठक में नगर निगम आयुक्त हर्षिका सिंह, अपर कलेक्टर तथा आईडीए के सीईओ गौरव बेनल सहित अन्य संबंधित विभागों के अधिकारी मौजूद थे। बैठक में बताया गया कि इंदौर में स्वीकृत सत्यसाई चौराहा, देवास नाका चौराहा, क्रिस्टल आईटी पार्क चौराहा तथा मुसाखेड़ी चौराहा पर फ्लाय ओवर बनाने का कार्य दो से तीन दिन में शीघ्र प्रारंभ कर दिया जायेगा। बैठक में कलेक्टर ने निर्देश दिये कि स्वीकृत उक्त सभी फ्लाय ओवर का निर्माण कार्य पूर्ण गुणवत्ता के साथ निर्धारित समय सीमा में किया जाये। उक्त फ्लाय ओवर के निर्माण में आ रही छोटी-छोटी बाधाओं को शीघ्र दूर कर लिया जायेगा। कुछ औपचारिकताएं भी जल्द पूरी हो जायेंगी। सत्यसाई चौराहा के फ्लाय ओवर निर्माण के बीच आ रहे वृक्षों को नियमानुसार हटाने की कार्रवाई भी की जायेगी।

बैठक में कलेक्टर आशीष सिंह ने शहर की जरूरत के हिसाब से विजय नगर और रेडिसन चौराहा पर भी फ्लाय ओवर की जरूरत बताई। उन्होंने कहा कि इन जगहों पर फ्लाय ओवर का निर्माण होता है, तो ट्रॉफिक व्यवस्था और अधिक बेहतर हो जायेगी। उन्होंने इन जगहों पर फ्लाय ओवर निर्माण के लिये प्लान तैयार करने के निर्देश भी दिये। गौरतलब है कि शहर के प्रमुख चौराहों पर ब्रिज बनने से शहर की यातायात व्यवस्था में न सिर्फ काफी सुधार होगा बल्कि विकास कार्यों को भी पंख लगेंगे। सबसे बड़ी राहत वाहन चालक ओर आम जनता को मिलेगी। ध्यान रहे शहर के चारों चौराहों पर हमेशा ट्रैफिक का दवाब बने रहता है। सुबह से लेकर रात तक चौराहा पर से हजारों वाहन गुजरते है। दवाब होने से हमेशा वाहनों की भीड़ बने रहती है।

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प्यार में धोखा… तिलमिलाई प्रेमिका ने साजिश रच करवा दिया मर्डर

बैरसिया के दामखेड़ा गांव के खेत में विशाल कुशवाहा नाम के युवक की लाश मिली थी। पुलिस की प्रारंभिक जांच में ही खुलासा हो गया था कि विशाल की बेरहमी से हत्या की गई है। उसका गला रेता हुआ था। पुलिस ने इस मामले में विशाल की पूर्व प्रेमिका नीतू और उसके प्रेमी आमीन को गिरफ्तार किया। पुलिस के मुताबिक नीतू ने बदला लेने के लिए विशाल की हत्या करना कबूल किया।
मीडिया ने जब इस सनसनीखेज हत्याकांड की तफ्तीश की तो खुलासा हुआ कि नीतू एक साल से विशाल की हत्या की प्लानिंग कर रही थी। विशाल की हत्या के लिए उसने आमीन का ब्रेनवॉश कर उसे तैयार किया। वारदात की तारीख, जगह और उसका तरीका भी नीतू ने पहले ही सोच कर रखा था।
ये सुनकर हमारे
होश ही उड़ गए…
मीडिया टीम विशाल के गांव दामखेड़ा पहुंची। यहां मिली उसकी बहन पूजा कुशवाहा ने बताया कि वो रात 9 या 10 बजे के करीब घर से गाड़ी में सब्जी भरकर विदिशा मंडी के लिए निकला था। जाने से पहले मां से 30 हजार रुपए ये कहकर लिए थे कि गाड़ी की किस्त भी चुका दूंगा। इसके अलावा उसके पास 60 हजार रुपए ग्राहकों के थे। रात करीब एक बजे उसे पिताजी ने फोन लगाया था, लेकिन उसने कॉल पिक नहीं किया। हमें लगा सो रहा होगा, इसलिए फोन नहीं उठा रहा। सुबह चार बजे के करीब उसके साथी बबलू कुशवाहा का हमारे पास फोन आया। बबलू के साथ ही वह मंडी जाने वाला था। बबलू ने पूछा- विशाल घर पर है क्या? फोन भी नहीं उठा रहा, बात कराओ।
हमने कहा- वो तो तुम्हारे साथ विदिशा मंडी जाने का कहकर रात से ही निकला हुआ है। इसके बाद बबलू ने बताया कि रात को विशाल उसके पास ही आ रहा था। फिर अचानक फोन लगाकर कहने लगा कि कुछ काम आ गया है। घर वापस जा रहा हूं। 15 से 20 मिनट आने में और लग जाएंगे। इसके बाद वो आया ही नहीं। ये सुनकर हमारे होश ही उड़ गए।

नीतू ने कभी किसी को ये नहीं दिखाया कि वो विशाल की शादी से नाराज है। विशाल से भी बातचीत जारी रखी। पर्दे के पीछे उसके मर्डर का पूरा प्लान तैयार कर डाला। सबसे पहले उसने एक ऐसे शख्स की तलाश शुरू की, जो उसके बोलने पर कुछ भी कर दे। तीन महीनों तक उसे कोई नहीं मिला। फिर उसकी मुलाकात अपने पड़ोसी गांव बबचिया में रहने वाले अमीन से हुई। अमीन चिकन काटने का काम करता था। नीतू को अमीन में वो सनक दिखी, जिसकी उसे तलाश थी। इसके बाद नीतू ने अमीन को अपने प्यार में फंसाया। एक साल तक उसका ब्रेनवॉश करती रही। फिर उसे विशाल के मर्डर के लिए तैयार कर लिया।
दूसरी ओर विशाल के पिता रमेश कुशवाहा ने पुलिस पर गुमराह करने का आरोप लगाया तो पत्नी हरिबाई ने नीतू को फांसी की मांग की। हालांकि, मामले में विशाल के पिता के आरोपों को लेकर बैरसिया थाने के टीआई नरेंद्र कुलस्ते से संपर्क करना चाहा, पर उनसे बात नहीं हो पाई।

पुलिस को कॉल डिटेल्स से पता चला कि विशाल की आखिरी बार नीतू से बात हुई थी। दोनों के बीच करीब डेढ़ घंटे तक बातचीत चली थी। इसके बाद नीतू ने विशाल को खेत पर मिलने बुलाया था। यहां जैसे ही विशाल पहुंचा, नीतू के सनकी प्रेमी अमीन ने उसके सिर पर लट्ठ दे मारा। विशाल के जमीन पर गिरते ही अमीन ने चाकू से उसका गला रेत दिया। इसके बाद भी नीतू का मन नहीं भरा तो अपनी प्रेमिका को खुश करने के लिए उसने विशाल के चेहरे को पत्थर से कुचल दिया। फिर दोनों ने मिलकर उसके शव को खेत के बीच छिपा दिया।

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पांच दिन की खोज के बाद केट में पकड़ाया तेंदुआ, उपचार के लिए चिड़ियाघर भेजा

पिछले कुछ दिनों से आरआर कैट क्षेत्र में घूम रहे तेंदुए को वन विभाग की टीम ने शुक्रवार को पकड़ लिया। यहां तेंदुआ पहली बार 10 मार्च को देखा गया था। तब यह सूचनाएं आई थीं कि कैट परिसर में दो तेंदुए घूम रहे हैं। जानकारी मिलने पर वन विभाग की टीम कैंपस में सक्रिय थी। पकड़े गए तेंदुए को उपचार के लिए चिड़ियाघर लाया गया है।
डीएफओ महेंद्रसिंह सोलंकी ने बताया कि दोनों तेंदुए को पकड़ने के लिए सोमवार से प्रयास चल रहे थे। उनकी सर्चिंग के साथ कैट कॉलोनी के सघन क्षेत्र में दो पिंजरे लगाए गए थे। इसमें से एक पिंजरे में एक तेंदुआ पकड़ में आया है। उसकी उम्र करीब 10 साल है। वह भूखा था और भोजन की तलाश में पिंजरे तक आया था। वह मवेशी को देख उसमें घुसा और कैद हो गया। उसे जू भेजा गया है। दूसरे तेंदुए को पकड़ने के लिए भी दो पिंजरे लगाए गए हैं।
उधर, तेंदुए के पकड़ने जाने के बाद कैट कॉलोनी के रहवासियों में कुछ राहत जरूर मिली है, लेकिन दूसरे तेंदुए के नहीं पकड़े जाने से डर है। वन विभाग का मानना है कि दूसरा तेंदुआ भी भूखा होगा और वह भी जल्द पकड़ा जाएगा। जू इंचार्ज डॉ. उत्तम यादव ने बताया कि तेंदुए को अभी हाल ही में जू लाया गया है। उसका परीक्षण किया जा रहा है।

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आधी रात में 37 आईएएस और 16 एसएएस के तबादले…………

नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग मध्यप्रदेश भोपाल में अपर आयुक्त की जिम्मेदारी निभा रहे 2013 बेच के आईएएस शिवम वर्मा इंदौर नगर निगम की कमान संभालेंगे। मध्यप्रदेश मेट्रो रेल कंपनी लिमिटेड इंदौर का अपर प्रबंध संचालक का अतिरिक्त प्रभार भी उन्हें सौंपा गया है।
वर्मा ग्वालियर नगर निगम आयुक्त और श्योपुर कलेक्टर भी रह चुके हैं, वहीं अभी तक इंदौर नगर निगम में आयुक्त रहीं हर्षिका सिंह को मध्यप्रदेश कौशल विकास का संचालक बनाया गया है। अगस्त-1985 में जन्मे वर्मा मूलत: यूपी से हैं। बीटेक की पढ़ाई की। सितंबर-2013 में अप्वॉइण्ट हुए थे। आरसीवीपी अकेडमी में ट्रेनिंग की। बड़वानी में सहायक कलेक्टर रहे। ग्वालियर में जिला पंचायत सीईओ रहे। जब ग्वालियर आयुक्त थे, तब चंबल में बाढ़ आई। श्योपुर की हालत खराब हुई, जिसकी वजह से सरकार ने राकेश श्रीवास्तव को हटाकर वर्मा को श्योपुर का जिम्मा सौंपा था। राज्य सरकार ने 37 आईएएस की अस्थायी रूप से नई पदस्थापना की। इसके आदेश गुरुवार देर रात 3 बजे जारी किए गए। इसमें शहडोल और सिंगरौली कलेक्टर की नई पदस्थापना की गई है।
महाकाल की सेवा में सोनी
आईएएस के साथ ही स्टेट एडमिनिस्ट्रेशन सर्विस (एसएएस) के अधिकारियों के भी तबादले हुए। इसमें चौंकाने वाला नाम संदीप सोनी का है, जिन्हें 9 मार्च को जारी तबादला सूची में अपर कलेक्टर निवाड़ी बनाया गया था।

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पांच दिन की खोज के बाद केट में पकड़ाया तेंदुआ, उपचार के लिए चिड़ियाघर भेजा

पिछले कुछ दिनों से आरआर कैट क्षेत्र में घूम रहे तेंदुए को वन विभाग की टीम ने शुक्रवार को पकड़ लिया। यहां तेंदुआ पहली बार 10 मार्च को देखा गया था। तब यह सूचनाएं आई थीं कि कैट परिसर में दो तेंदुए घूम रहे हैं। जानकारी मिलने पर वन विभाग की टीम कैंपस में सक्रिय थी। पकड़े गए तेंदुए को उपचार के लिए चिड़ियाघर लाया गया है।
डीएफओ महेंद्रसिंह सोलंकी ने बताया कि दोनों तेंदुए को पकड़ने के लिए सोमवार से प्रयास चल रहे थे। उनकी सर्चिंग के साथ कैट कॉलोनी के सघन क्षेत्र में दो पिंजरे लगाए गए थे। इसमें से एक पिंजरे में एक तेंदुआ पकड़ में आया है। उसकी उम्र करीब 10 साल है। वह भूखा था और भोजन की तलाश में पिंजरे तक आया था। वह मवेशी को देख उसमें घुसा और कैद हो गया। उसे जू भेजा गया है। दूसरे तेंदुए को पकड़ने के लिए भी दो पिंजरे लगाए गए हैं।
उधर, तेंदुए के पकड़ने जाने के बाद कैट कॉलोनी के रहवासियों में कुछ राहत जरूर मिली है, लेकिन दूसरे तेंदुए के नहीं पकड़े जाने से डर है। वन विभाग का मानना है कि दूसरा तेंदुआ भी भूखा होगा और वह भी जल्द पकड़ा जाएगा। जू इंचार्ज डॉ. उत्तम यादव ने बताया कि तेंदुए को अभी हाल ही में जू लाया गया है। उसका परीक्षण किया जा रहा है।

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